
राजस्थान-गुजरात सीमा पर स्थित बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर नाकाबंदी के दौरान एक गुजरात नंबर के ट्रक को रुकवाकर उसमें छिपाकर ले जाई जा रही करीब 10 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने ट्रक ड्राइवर सहित तस्करी में शामिल कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
जलाऊ लकड़ी की आड़ में बना था ‘सीक्रेट’ चैंबर
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि उदयपुर की ओर से एक ट्रक अवैध शराब लेकर गुजरात जाने वाला है। इस सूचना पर पुलिस ने राजस्थान-रतनपुर बॉर्डर पर सघन नाकाबंदी शुरू की। जब गुजरात नंबर का ट्रक वहां पहुंचा, तो तलाशी के दौरान ऊपर जलाऊ लकड़ियां भरी मिलीं। प्रथम दृष्टया मामला सामान्य लगा, लेकिन पुलिस ने जब गहनता से जांच की तो ट्रक की बॉडी और केबिन के नीचे एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त चैंबर मिला। चैंबर खोलने पर पुलिस दंग रह गई; उसमें राजस्थान निर्मित शराब के 174 कार्टून ठसाठस भरे हुए थे।
कार से हो रही थी हाई-टेक एस्कॉर्टिंग
शराब तस्करी के इस खेल को सुरक्षित अंजाम देने के लिए तस्कर एक उदयपुर नंबर की वैगनआर कार का इस्तेमाल कर रहे थे। यह कार ट्रक के आगे-आगे चलकर उसे पुलिस की हलचल की जानकारी दे रही थी। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रक के साथ ही इस कार को भी घेर लिया और उसमें सवार तीन अन्य तस्करों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपी और पुलिस की जांच
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजसमंद निवासी ड्राइवर सुरेश सिंह सोलंकी (25) के रूप में हुई है। वहीं, कार में सवार शेषमल खटीक (38), कैलाश नायक (31) और मांगीलाल किर (27) को भी गिरफ्तार किया गया है।
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए शराब की बोतलों और कार्टून पर लिखे बैच नंबर को हाईलाइटर या स्क्रैच करके मिटा दिया था, ताकि यह पता न चल सके कि यह शराब किस दुकान से खरीदी गई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि तस्करी के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क और इसके मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश किया जा सके।

