डूंगरपुर। शहर में आज धर्म और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष और अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के दो वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर डूंगरपुर में विशाल हिंदू सम्मेलन और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया. इस दौरान पूरा शहर केसरिया रंग में रंगा नजर आया और फिजाओं में केवल ‘जय श्रीराम’ की गूंज सुनाई दी.
केसरिया परिधानों में सजे रामभक्त, आकर्षक रही झांकियां
शोभायात्रा का शुभारंभ हाउसिंग बोर्ड स्थित माताजी चौक से हुआ. यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में रामभक्त जुटना शुरू हो गए थे. विशेष बात यह रही कि पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी केसरिया वस्त्रों में सजे हुए थे.यात्रा के अग्रभाग में घोड़ों पर सवार बच्चे हाथों में धर्मध्वजा (भगवा ध्वज) थामे शौर्य का प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं, भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की सजीव व आकर्षक झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र रही. रास्ते भर लोग अपने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत करते रहे.
शताब्दी वर्ष और राम मंदिर उत्सव का संगम
गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा थिरकते नजर आए. यात्रा शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से होकर गुजरी. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आरएसएस के गौरवशाली 100 वर्षों की यात्रा का जश्न मनाना और राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ की खुशियां साझा करना था.
सम्मेलन में एकजुटता का संकल्प
शोभायात्रा के समापन के पश्चात एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकजुटता और भारत के गौरवशाली प्रेरक इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला. वक्ताओं ने कहा कि आज का समय समाज को संगठित करने और अपनी संस्कृति के संरक्षण का है. उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और संगठित रहने का आह्वान किया. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी मुस्तैद रहा. आयोजन में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और हजारों की संख्या में मातृशक्ति ने हिस्सा लेकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया.

