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डूंगरपुर: निजी बैंक में ‘अवैध वसूली’ का आरोप, खाताधारकों में चिंता, जांच का आश्वासन

डूंगरपुर. राजस्थान के डूंगरपुर शहर में एक निजी बैंक पर खाता खुलवाने के नाम पर ग्राहकों से ‘अवैध वसूली’ का गंभीर आरोप लगा है. शहर के नावडेरा रोड स्थित मित्र निवास के पास संचालित इस बैंक में सामने आए इस विवाद ने बैंकिंग सेवाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मामले का विवरण: जानकारी के अनुसार, पीड़ित विक्रम और प्रकाश नामक दो व्यक्तियों ने आरोप लगाया है कि वे बैंक में नया खाता खुलवाने गए थे. बैंककर्मियों द्वारा खाता खोलने की प्रक्रिया के लिए उनसे 2-2 हजार रुपये नकद लिए गए. हालांकि, जब उन्होंने अपने खातों की जांच की, तो उसमें केवल 1500-1500 रुपये ही जमा पाए गए. पीड़ितों के मुताबिक, उनसे प्रति व्यक्ति 500 रुपये की कथित कटौती की गई. जब उन्होंने इस संबंध में रसीद या स्पष्टीकरण मांगा, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इस घटना को गरीब ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी और अवैध वसूली के रूप में देखा जा रहा है.

राजनीतिक हस्तक्षेप और विरोध: इस मामले की जानकारी मिलने पर भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया. भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक रणोली, भाजपा प्रत्याशी बंशी लाल कटारा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और पूर्व जिला महामंत्री धनपाल जैन सहित कई भाजपा कार्यकर्ता पीड़ितों के समर्थन में बैंक पहुंचे. नेताओं ने बैंक स्टाफ की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे जनता के साथ अन्याय बताया. भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक रणोली ने स्पष्ट किया कि उन्हें पीड़ितों से शिकायत मिली थी कि बैंककर्मी खाता खोलने की आड़ में पैसे काट रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बैंक प्रबंधन का आश्वासन: विवाद बढ़ता देख, बैंक प्रबंधन ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की. बैंक मैनेजर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, इस घटना ने डूंगरपुर में बैंकिंग सेवाओं को लेकर आम जनता में चिंता पैदा कर दी है. बैंक की आंतरिक जांच के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जा सकेगी.

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