डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भिंडा गांव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहाँ एक किसान के कच्चे मवेशी घर (छप्पर) में अचानक भीषण आग लग गई. इस अग्निकांड में बेजुबान जानवर अपनी जान नहीं बचा पाए और एक भैंस, उसका बछड़ा व एक बकरी जिंदा जलकर मर गए. आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा हुआ अनाज और चारे का स्टॉक भी पूरी तरह जलकर खाक हो गया.
शॉर्ट सर्किट बना काल, देखते ही देखते फैली लपटें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिंडा निवासी भीमा पुत्र लालो रावल के घर के पास बने कच्चे मवेशी घर में दोपहर के समय अचानक लपटें उठने लगीं. प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. कच्चा छप्पर और सूखी घास होने के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया. जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते, पूरा मवेशी घर आग के गोले में तब्दील हो चुका था.
बेजुबान जानवरों की तड़पकर मौत, मची अफरा-तफरी
आग की लपटें देख गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीण बाल्टियां लेकर दौड़ पड़े और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. हालांकि, आग इतनी भीषण थी कि मवेशी घर के अंदर बंधे जानवरों को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला. हादसे में एक दुधारू भैंस, उसका छोटा बछड़ा और एक बकरी की मौके पर ही तड़पकर मौत हो गई. जानवरों के अलावा, किसान का साल भर का संचित अनाज और मवेशियों के लिए रखा गया चारा भी जल गया.
प्रशासन ने लिया जायजा, मुआवजे की मांग
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित किसान को हुए नुकसान का आंकलन किया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित भीमा रावल एक गरीब किसान है और पशुधन ही उसकी आजीविका का मुख्य साधन था, इसलिए उसे उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए.

