सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज बटोरने के चक्कर में पर्यटकों की जान जोखिम में डालने वाले एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सहित चार युवकों को उदयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इन युवकों ने शहर की प्रसिद्ध फतेहसागर झील किनारे घूम रहे पर्यटकों पर नकली सांप फेंककर प्रैंक (मजाक) वीडियो बनाया था, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई थी. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर एडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई.
बुजुर्ग और महिलाएं डर से भागे, वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई
यह घटना 13 जून की है. चारों युवकों ने फतेहसागर झील किनारे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर अचानक नकली सांप फेंका. अचानक हुए इस घटनाक्रम से लोग बुरी तरह घबरा गए और डर के मारे इधर-उधर भागने लगे. युवकों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर 14 जून को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. रील वायरल होने पर जब लोगों ने इस खतरनाक प्रैंक पर आपत्ति जताई, तो पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए 15 जून को चारों को दबोच लिया.
कॉलेज स्टूडेंट हैं चारों आरोपी, पुलिस ने जारी किया माफीनामे का वीडियो
गिरफ्तार किए गए चारों युवक कॉलेज छात्र हैं. आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी कविश (20, निवासी बड़ी), मुकेश (23, निवासी सीसारमा), राहुल (19, निवासी कानोड़) और हरीश (18, निवासी सलूंबर) के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आरोपियों का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें चारों युवक हाथ जोड़कर जनता से माफी मांग रहे हैं और भविष्य में ऐसी रील न बनाने की कसम खा रहे हैं.
लाइक-व्यूज के लिए जान जोखिम में डाली तो दर्ज होगा केस
उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर भय या पैनिक पैदा करने वाले प्रैंक वीडियो बनाना पूरी तरह गैर-कानूनी है. लाइक और व्यूज के चक्कर में किसी बुजुर्ग, बच्चे या महिला की जान को खतरे में डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसपी ने साफ चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी हरकतों पर पुलिस की पैनी नजर है और अब सिर्फ माफी से काम नहीं चलेगा, सीधे केस दर्ज कर जेल भेजा जाएगा. उन्होंने आमजन से ऐसी हरकतों की शिकायत तुरंत हेल्पलाइन नंबर 100 और 112 पर करने की अपील की है.

