राजस्थान के डूंगरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है. कलाल घाटा गांव में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की बंद पड़ी गहरी खदान में गिरने और मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई. गुरुवार को हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है.
बकरियां चराने गए थे, शाम को नहीं लौटे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के निवासी हुरमा (60) गुरुवार सुबह हर रोज की तरह अपनी बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे. जब देर शाम तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई. परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन रात होने तक उनका कोई सुराग नहीं मिला.
खदान में मलबे के नीचे दबे मिले
तलाश के दौरान परिजनों की नजर गांव के पास ही स्थित एक 20 फीट गहरी बंद पड़ी खदान पर पड़ी. वहां झाँकने पर पता चला कि हुरमा खदान के अंदर गिरे हुए थे और उनके ऊपर पत्थर व मिट्टी का भारी मलबा गिरा हुआ था.
ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर उन्हें बाहर निकाला. हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और अत्यधिक चोटों व दम घुटने के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी.
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजन आनन-फानन में उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया.
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने इस संबंध में मर्ग दर्ज कर लिया है. शुरुआती जांच में इसे एक हादसा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस खदान के आसपास सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.

