
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में ग्रामीण विकास और जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 23 जनवरी से जिले के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ‘ग्राम उत्थान शिविरों’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के सफल क्रियान्वयन और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित आईटी केंद्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के आला अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।
दो चरणों में आयोजित होंगे शिविर
जिला कलेक्टर ने बैठक के दौरान बताया कि आमजन की सुविधा को देखते हुए इन शिविरों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा।
प्रथम चरण: इसकी शुरुआत 23 जनवरी को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर होगी। प्रथम चरण के शिविर 23, 24, 25 और 31 जनवरी को आयोजित किए जाएंगे।
द्वितीय चरण: दूसरा चरण 5 फरवरी से शुरू होकर 9 फरवरी तक चलेगा।
कुल 9 दिनों तक चलने वाले इन शिविरों का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इनका लाभ उठा सकें।
विभागीय तालमेल पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग और पंचायती राज जैसे प्रमुख विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने उपखण्ड अधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और विकास अधिकारियों (BDOs) से चर्चा करते हुए कहा कि शिविरों के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन जल्द से जल्द किया जाए, जहाँ छाया, पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों की पेंडेंसी को शिविरों के माध्यम से तुरंत खत्म किया जाए।
आमजन को मिलेगी राहत
इन शिविरों के माध्यम से किसानों को कृषि सब्सिडी, बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान, पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी और पंचायत स्तर के लंबित कार्यों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ कार्य करें ताकि शिविर केवल औपचारिक बनकर न रह जाएं, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों को राहत पहुंचाएं।

