Headlines

डूंगरपुर: अवैध पशु तस्करी पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 42 भैंसें बरामद कर 5 तस्कर गिरफ्तार

राजस्थान की डूंगरपुर जिला पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. कोतवाली थाना पुलिस ने मंगलवार रात नाकाबंदी के दौरान क्रूरतापूर्वक ट्रक में भरकर ले जाई जा रही 42 भैंसों को मुक्त कराया है. इस मामले में पुलिस ने गुजरात निवासी पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर ट्रक जब्त कर लिया है.

पार्टीशन बनाकर ठूंस रखी थीं भैंसें

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशानुसार जिले भर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त पर थी. इसी दौरान सीमलवाड़ा की ओर से आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को पुलिस ने रुकवाया.

जब पुलिस टीम ने ट्रक की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. तस्करों ने ट्रक के अंदर लोहे के दो पार्टीशन (मंजिलें) बना रखे थे. इन दोनों खानों में 21-21 भैंसों को बेहद क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था. बेजुबान जानवरों के पैर रस्सियों से बंधे हुए थे ताकि वे हिल न सकें.

गुजरात के रहने वाले हैं सभी आरोपी

पुलिस ने जब ट्रक सवारों से पशु परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. इसके बाद पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. आरोपियों की पहचान तोसीब भाई बंजारा (29), मोहम्मद जीनेद मुल्तानी, बिलाल मुल्तानी (19), रिजवान मुल्तानी और अल्ताफ बंजारा के रूप में हुई है. ये सभी आरोपी मोडासा (गुजरात) के निवासी हैं.

सस्ते में खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक

प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि ये तस्कर ग्रामीण इलाकों से कम दामों पर पशुओं को खरीदते थे और पुलिस की नजरों से बचते हुए गुजरात या अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जा रहे थे.

पशुओं की देखभाल और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने जब्त ट्रक को थाने लाकर सभी 42 भैंसों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की. मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाकर सभी मूक पशुओं का मेडिकल परीक्षण और प्राथमिक उपचार करवाया गया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *