डूंगरपुर। समाज में बेटियों की बदलती भूमिका और सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण आज डूंगरपुर में देखने को मिला.यहाँ हाउसिंग बोर्ड निवासी कुंजबिहारी शर्मा (80) के निधन के पश्चात उनकी दो बेटियों ने पुत्र धर्म निभाते हुए पिता की चिता को मुखाग्नि दी. इस भावुक पल को जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं और समाज की इस बदलती सोच की सभी ने सराहना की.
पुत्रों की तरह की सेवा, अंतिम विदाई भी खुद दी
कुञ्जबिहारी शर्मा पिछले कुछ समय से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके चलते उनका निधन हो गया. उनके कोई पुत्र नहीं था, लेकिन उनकी दोनों बेटियों घटा शर्मा और मेघा शर्मा ने कभी इस कमी को महसूस नहीं होने दिया. जीवन भर पिता की सेवा में समर्पित रहने वाली इन बेटियों ने अंतिम समय में भी पीछे न हटते हुए पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई.
शिक्षित और स्वावलंबी हैं दोनों बेटियां
मृतक की पत्नी जयश्री शर्मा ने बताया कि उनकी दोनों ही बेटियों ने हमेशा परिवार का नाम रोशन किया है.
- बड़ी बेटी घटा शर्मा अहमदाबाद में आईटी सेक्टर में “वेब डाटा गुरु” नाम से अपना स्टार्टअप संचालित कर रही हैं.
- छोटी बेटी मेघा शर्मा शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं और वर्तमान में एक सरकारी महाविद्यालय में व्याख्याता (Lecturer) के पद पर कार्यरत हैं.
समाज ने की सराहना
अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर समाज के कई प्रबुद्ध लोग और परिजन मौजूद रहे. बेटियों द्वारा पिता को मुखाग्नि देते देख वहां उपस्थित लोग भावुक हो उठे. लोगों का कहना था कि यह घटना समाज की उन पुरानी रूढ़ियों पर कड़ा प्रहार है जो बेटियों को इन अधिकारों से वंचित रखती हैं. घटा और मेघा ने यह साबित कर दिया कि बेटियां न केवल कुल का नाम रोशन करती हैं, बल्कि हर जिम्मेदारी निभाने में बेटों से कम नहीं हैं. यह घटना आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और बेटियों के इस साहसिक व संवेदनशील कदम को नारी शक्ति के एक सशक्त उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है.

