डूंगरपुर जिले में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर अंकित कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी गैस एजेंसी प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को गैस की उपलब्धता के बारे में सही जानकारी दी जाए और वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए.
भ्रामक सूचनाओं और कालाबाजारी पर प्रहार
कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे बुकिंग क्रम के आधार पर ही सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह न फैले.
मुख्य निर्णय और निर्देश:
- स्पेशल टास्क फोर्स (STF): घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध व्यापार को रोकने के लिए प्रशासन ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जो पूरे जिले में कड़ी निगरानी रखेगी.
- सप्लाई चैन की सूचना: यदि कंपनी स्तर से सप्लाई में कोई भी कमी आती है, तो एजेंसी प्रबंधकों को तुरंत जिला रसद अधिकारी (DSO) को सूचित करना होगा.
- संस्थानों को प्राथमिकता: शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा केंद्रों और अन्नपूर्णा रसोई (पूर्व में इंदिरा रसोई) को उनकी मांग के अनुसार बिना किसी देरी के गैस उपलब्ध कराई जाएगी.
सर्वर की समस्या और स्टॉक की स्थिति
बैठक के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. प्लांट स्तर पर भी आगामी दिनों के लिए सप्लाई सुरक्षित है. पिछले कुछ दिनों में बुकिंग में आई दिक्कतों का मुख्य कारण सर्वर डाउन होना था, जिसे दुरुस्त करने के प्रयास जारी हैं.
प्रशासन की आमजन से अपील
कलेक्टर ने आमजन से भी अपील की है कि वे घबराकर गैस सिलेंडरों का अतिरिक्त भंडारण न करें. रसद विभाग और प्रशासन गैस एजेंसियों के साथ मिलकर आपूर्ति व्यवस्था की 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बैठक में जिला रसद अधिकारी सहित जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रबंधक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

