राजस्थान के डूंगरपुर जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली एक दुखद खबर सामने आई है. जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आंतरी वन रेंज के नाका दामड़ी (डोलवर) में एक मादा लेपर्ड संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई है. इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र में शिकारियों की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एक साथ तीन जानों का नुकसान
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर दोवड़ा वन नाका लाया गया. जब पशु चिकित्सकों की टीम ने मादा लेपर्ड का पोस्टमार्टम किया, तो चौंकाने वाला और हृदयविदारक खुलासा हुआ.
मेडिकल टीम (डॉ. सचिन पाटीदार, डॉ. निशांत परमार और डॉ. युक्ति परमार) के अनुसार, मृत मादा लेपर्ड गर्भवती थी. उसके पेट में दो शावक विकसित हो रहे थे, जिनकी भी इस घटना में मौत हो गई. इस प्रकार, इस संदिग्ध घटना ने एक साथ तीन वन्यजीवों का अस्तित्व खत्म कर दिया.
शिकार की आशंका से विभाग में हड़कंप
हालांकि, अभी तक मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन परिस्थितियां अत्यधिक संदिग्ध मानी जा रही हैं. हाल ही में जिले के साबला क्षेत्र में शिकार की एक बड़ी घटना सामने आई थी, जिसके बाद से ही वन विभाग सतर्क था. अब दामड़ी में हुई इस घटना ने विभाग की चिंता और बढ़ा दी है. आशंका जताई जा रही है कि यह विषाक्त पदार्थ (Poisoning) या शिकार की किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है.
आगे की कार्रवाई
वन विभाग ने मादा लेपर्ड के विसरा (Viscera) के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक थी या किसी मानवीय हस्तक्षेप का परिणाम.
“यह वन विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है. हम मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं. यदि इसमें किसी भी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.” – वन विभाग सूत्र
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों में भारी रोष है. लोग वन क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग कर रहे हैं.

