डूंगरपुर जिले के धंबोला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोवाड़िया फला गांव में एक 43 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके घर में फंदे से लटका मिला. इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. मृतका के पीहर पक्ष ने मामले को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है.
अकेली थी महिला, अहमदाबाद में थे पति और बच्चे
सीमलवाड़ा चौकी प्रभारी सकाराम परमार के अनुसार, मृतका की पहचान रेखा (43), पत्नी रमेश खांट के रूप में हुई है. घटना के समय रेखा घर पर बिल्कुल अकेली थी. उसका पति रमेश और उनके दो बच्चे रोजी-रोटी के सिलसिले में अहमदाबाद (गुजरात) में मजदूरी के लिए गए हुए थे.
रात 12 बजे मिली पुलिस को सूचना
पुलिस को घटना की जानकारी सोमवार देर रात करीब 12 बजे मिली. सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने रात में ही कार्रवाई करते हुए सुबह करीब 4 बजे शव को नीचे उतारकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी (मुर्दाघर) में रखवाया.
पीहर पक्ष के गंभीर आरोप: “हमें बिना बताए शव क्यों हटाया?”
मंगलवार सुबह जब मृतका के पीहर पक्ष के लोग मॉर्च्युरी पहुंचे, तो उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली और ससुराल पक्ष पर गंभीर सवाल उठाए. मृतका के भाई नरेश अहारी ने आरोप लगाया कि उन्हें बहन की मौत की सूचना समय पर नहीं दी गई. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति में शव को फंदे से उतारकर मॉर्च्युरी क्यों लाया गया? पीहर पक्ष ने आशंका जताई है कि यह मामला आत्महत्या का नहीं, बल्कि कुछ और हो सकता है.
पोस्टमॉर्टम पर अड़ा पेच
फिलहाल, शव सीमलवाड़ा मॉर्च्युरी में रखा हुआ है. पीहर पक्ष की नाराजगी और निष्पक्ष जांच की मांग के चलते पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया में देरी हो रही है. पुलिस के उच्च अधिकारी पीहर पक्ष को समझाने और मामले की पारदर्शी जांच का आश्वासन देने का प्रयास कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा.

