डूंगरपुर जिले की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने करीब 8 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के मोदर गांव में एक युवक पर चाकू और लाठियों से हमला करने के मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 7-7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
क्या था पूरा मामला?
अपर लोक अभियोजक उदय सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह खूनी संघर्ष 8 नवंबर 2018 को हुआ था. मोदर गांव निवासी जीवराज ताबियाड़ अपने घर में पत्नी जमना और बच्चों के साथ मौजूद था. इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही किशन ताबियाड़, बाबू, अश्विनी, किरण, कावा और रूपा ताबियाड़ एक साथ हथियार लेकर उसके घर में घुस आए.
चाकू से किया था पेट पर वार
आरोपियों ने पहले जीवराज पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया. इसी बीच आरोपी बाबू ताबियाड़ ने जेब से चाकू निकालकर जीवराज के पेट में घोंप दिया. इस जानलेवा हमले में जीवराज लहूलुहान होकर गिर पड़ा, जिसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. घायल को गंभीर अवस्था में अस्पताल भर्ती कराया गया था.
कोर्ट का सख्त फैसला और जुर्माना
घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपा था, जिसके आधार पर बिछीवाड़ा पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया. लंबी कानूनी प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के आधार पर एडीजे कोर्ट ने इस कृत्य को बेहद गंभीर माना.
- सजा: सभी 6 दोषियों को 7-7 वर्ष की कड़ी कैद.
- अर्थदंड: प्रत्येक दोषी पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है.
अदालत के इस फैसले से क्षेत्र में यह संदेश गया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने और जानलेवा हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.

