डूंगरपुर कभी स्वच्छता में देश और प्रदेश का सिरमौर रहने वाले डूंगरपुर शहर की मौजूदा बदहाली को देख राज्य सरकार के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता का पारा चढ़ गया. डूंगरपुर दौरे पर आए गुप्ता ने नगर परिषद में अधिकारियों की एक आपात बैठक ली, जिसमें उन्होंने शहर की चरमराती व्यवस्थाओं और गिरती स्वच्छता रैंकिंग पर गहरी नाराजगी व्यक्त की.
सड़कों की हालत पर रुडिप और परिषद को फटकार
बैठक के दौरान के.के. गुप्ता ने शहर की खुदी हुई सड़कों को लेकर रुडिप (RUIDP) और निकाय अधिकारियों की जमकर क्लास ली. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास के नाम पर जनता को परेशानी में नहीं डाला जा सकता.
- सख्ती: गुप्ता ने निर्देश दिए कि शहर में नई सड़कें खोदने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.
- डेडलाइन: उन्होंने अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया कि अगले 7 दिनों के भीतर खुदी हुई सड़कों की मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को धूल और गड्ढों से निजात मिल सके.
गेपसागर और उद्यानों की उपेक्षा पर जताई चिंता
शहर की पहचान मानी जाने वाली गेपसागर झील, सार्वजनिक पार्क और फाउंटेन के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही पर गुप्ता ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि जो सुविधाएं शहर की सुंदरता बढ़ाती थीं, वे आज अधिकारियों की उदासीनता के कारण बदहाल हैं. उन्होंने स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने और कचरा प्रबंधन (Waste Management) को दोबारा पटरी पर लाने के सख्त निर्देश दिए.
‘करो या मरो’ की स्थिति, अब होगी सीधी कार्रवाई
ब्रांड एम्बेसडर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि डूंगरपुर की स्वच्छता साख के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने इसे ‘करो या मरो’ की स्थिति बताते हुए कहा कि यदि सुधार नहीं दिखा, तो लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजकर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करवाई जाएगी.
“डूंगरपुर ने स्वच्छता में जो मुकाम हासिल किया था, उसे अधिकारियों की सुस्ती से बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। हमें फिर से डूंगरपुर को नंबर वन बनाना है।” — के.के. गुप्ता, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर

