डूंगरपुर। जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माडा मंदिर फला गांव में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पशुघर (तबेले) में अचानक भीषण आग लग गई. गनीमत यह रही कि समय रहते ग्रामीणों की नजर आग पर पड़ गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
घास के कारण आग ने लिया विकराल रूप
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को माडा मंदिर फला गांव में स्थित एक पशुघर में अज्ञात कारणों से आग की चिंगारी उठी. पशुघर की छत पर बड़ी मात्रा में सूखी घास (चारा) रखी हुई थी, जिसने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते लपटें इतनी तेज हो गईं कि पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया. आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के घरों में भी दहशत का माहौल बन गया.
ग्रामीणों की तत्परता और बचाव कार्य
आग लगते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले पशुघर के भीतर बंधे मवेशियों के रस्से खोले और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. यदि मवेशियों को निकालने में थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी. मवेशियों को बचाने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बाल्टियों और पानी के अन्य संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की. इसी बीच मामले की सूचना रामसागड़ा थाना पुलिस और नगर परिषद डूंगरपुर के दमकल विभाग को दी गई. सूचना मिलते ही डूंगरपुर से दमकल की गाड़ी तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना हुई. दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया. हालांकि, तब तक पशुघर में रखा चारा और अन्य सामान जलकर राख हो चुका था.
नुकसान का आकलन जारी
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक दृष्टि से इसे शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी का परिणाम माना जा रहा है. राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है. पीड़ित परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है.

