
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को खंडित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. जनभावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है.
शराब के नशे में की थी शर्मनाक वारदात
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपी राहुल रोत सुरेश रोत और गेहरीलाल डामोर जो गैजी घाटा के ही निवासी हैं, ने स्वीकार किया कि उन्होंने शराब के नशे में इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था. नशे में धुत इन युवकों ने न केवल मूर्तियां तोड़ीं, बल्कि पार्क में रखे प्लास्टिक पाइपों को भी आग के हवाले कर दिया था.
60 सीसीटीवी कैमरे और 40 संदिग्धों से पूछताछ
29 जनवरी की रात हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश था. पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया. एएसपी मुकेश कुमार सांखला और डीएसपी मदनलाल के नेतृत्व में पुलिस ने:
- घटनास्थल के आसपास लगे 60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली.
- लगभग 35 से 40 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की.
- साइबर सेल और जिला विशेष टीम (DST) की तकनीकी मदद से आरोपियों तक पहुँची.
सरपंच की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला
विकासनगर सरपंच सुनील डेंडोर ने गैजी घाटा पार्क में वीरांगना काली बाई और स्वतंत्रता सेनानी नाना भाई खांट की मूर्तियों को खंडित किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल हथियार और वाहन बरामद करने का प्रयास कर रही है.
पुलिस टीम को मिलेगा सम्मान
महज एक दिन में आरोपियों को दबोचने वाली टीम की पीठ थपथपाते हुए एसपी ने डीएसटी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है. इस कार्रवाई में चौरासी थानाधिकारी भंवर सिंह, डीएसटी प्रभारी मदनलाल और साइबर सेल की भूमिका सराहनीय रही.

