डूंगरपुर: राजस्थान-गुजरात के रतनपुर बॉर्डर पर बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने एक ट्रेलर कंटेनर से करीब 2 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब जब्त की है. तस्करी के इस खेल में चौंकाने वाली बात यह है कि शराब को पीवीसी पाउडर के कट्टों की आड़ में छिपाकर ले जाया जा रहा था.
कैसे हुआ कार्रवाई का खुलासा?
बिछीवाड़ा थाने के सीआई कैलाश सोनी ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि उदयपुर की ओर से एक ट्रेलर भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर गुजरात की ओर जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रतनपुर बॉर्डर पर नाकाबंदी सख्त कर दी. इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रेलर को रुकवाया गया. शुरुआती पूछताछ में ट्रेलर चालक रघुनाथ गुर्जर (27), निवासी जयपुर ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बताया कि वाहन में पीवीसी पाउडर भरा हुआ है. हालांकि, पुलिस ने जब तिरपाल हटाकर गहन तलाशी ली, तो पाउडर के कट्टों के नीचे भारी मात्रा में पंजाब और चंडीगढ़ निर्मित शराब के कार्टन बरामद हुए.
1861 कार्टन और 800 किमी का सफर
पुलिस ने ट्रेलर को थाने ले जाकर जब शराब की गिनती करवाई, तो कुल 1861 कार्टन अवैध शराब मिली. बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 10 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस के अनुसार, यह खेप करीब 800 किलोमीटर दूर पंजाब और चंडीगढ़ से लाई जा रही थी और इसे राजस्थान की सीमा पार कराकर गुजरात में खपाने की योजना थी.
जिले की अब तक की सबसे बड़ी खेप
डूंगरपुर पुलिस के इतिहास में शराब की यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है. पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के मुख्य सरगनाओं और शराब की डिलीवरी लेने वाले लोगों का पता लगाया जा सके. इस सफल कार्रवाई में कॉन्स्टेबल जोगेंद्र सिंह सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही.

