डूंगरपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाने में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल को रिश्वत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है. आरोपियों ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में एफआईआर दर्ज न करने के बदले 1.50 लाख रुपये की घूस ली थी.
क्या है पूरा मामला?
एसीबी डीएसपी रतनसिंह राजपुरोहित के अनुसार, दोवड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाशचंद्र पटेल ने ‘लोकेंटो ऐप’ के जरिए हुई ठगी के मामले में कार्रवाई न करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी. शुक्रवार को एसीबी ने जाल बिछाया, लेकिन आरोपी रिश्वत की राशि लेकर कार से फरार होने में सफल हो गए थे. हालांकि, मुस्तैद एसीबी टीम ने बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
हवाई पट्टी के पास छुपाए थे पैसे
गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से राशि बरामद नहीं हुई थी. पूछताछ और कड़ाई से छानबीन के बाद, शनिवार को आरोपी कॉन्स्टेबल प्रकाशचंद्र पटेल की निशानदेही पर दोवड़ा हवाई पट्टी के पास से रिश्वत में लिए गए पूरे 1.50 लाख रुपये बरामद कर लिए गए. आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से यह राशि वहां छुपा दी थी.
एसीबी कोर्ट में पेशी और रिमांड
- कोर्ट की कार्रवाई: एसीबी ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को उदयपुर की विशेष एसीबी अदालत में पेश किया.
- रिमांड: अदालत ने मामले की गंभीरता और बरामदगी की जरूरतों को देखते हुए दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा.
- आगे की जांच: एसीबी अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में क्या थाने के अन्य अधिकारी भी शामिल थे या यह राशि कहीं और पहुंचाई जानी थी.
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एसीबी की यह एक और बड़ी सफलता है. आरोपियों को आज पुनः न्यायालय में पेश किया जाएगा.

