राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के गैंजी घाटा से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और तनावपूर्ण खबर सामने आई है. यहाँ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा आदिवासी समाज की आस्था और गौरव के प्रतीक, शहीद काली बाई और नाना भाई खांट की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया है. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और आदिवासी संगठनों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है.
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गैंजी घाटा में 19 जून 2022 को आदिवासी परिवार द्वारा शिक्षा की अलख जगाने वाली वीर बालिका शहीद काली बाई और नाना भाई खांट की मूर्तियां स्थापित की गई थीं. बीती रात कुछ शरारती तत्वों ने इन मूर्तियों को निशाना बनाया और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया. शुक्रवार सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों ने मूर्तियों की खंडित अवस्था देखी, तो यह खबर आग की तरह फैल गई.
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया. डूंगरपुर एसडीएम सोनू गुर्जर और सीमलवाड़ा एसडीएम विवेक गुर्जर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मौके पर ही जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की. संगठनों का कहना है कि यह केवल मूर्तियों का अपमान नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास और उनकी अस्मिता पर हमला है.
पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
चौरासी थाना पुलिस ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि:
- आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
- दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
- क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है.
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है. फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

