डूंगरपुर शहर में चल रहे सीवरेज लाइन के काम ने आम जनता की नाक में दम कर दिया है. रूडीफ् (RUIDP) और संबंधित ठेकेदारों की लापरवाही का एक ताजा नजारा शुक्रवार शाम शहर के व्यस्ततम मार्ग महारावल स्कूल के पास देखने को मिला, जहाँ प्रशासनिक अनदेखी के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
मिट्टी में धंसा सामान से लदा ऑटो
मिली जानकारी के अनुसार, महारावल स्कूल के पास जेसीबी की मदद से सड़क खोदकर सीवरेज लाइन बिछाने का काम किया गया था. लाइन डालने के बाद ठेकेदार ने गड्ढों को कायदे से भरने के बजाय खानापूर्ति करते हुए केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया. शुक्रवार शाम को जब एक सामान से लदा हुआ ऑटो यहाँ से गुजरा, तो कच्ची मिट्टी धंस गई और ऑटो का पहिया गहरे गड्ढे में जा फंसा.
आधे घंटे तक थमा रहा यातायात
ऑटो के बीच सड़क पर फंसने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. स्कूल और बाजार का मुख्य रास्ता होने के कारण एम्बुलेंस से लेकर दोपहिया वाहन तक जाम में फंस गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मिलकर ऑटो को धक्का लगाया और गड्ढे से बाहर निकाला, जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका.
लापरवाही का आलम: सड़क पर खड़ी कर दी जेसीबी
स्थानीय दुकानदारों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि ठेकेदार की कार्यशैली बेहद गैर-जिम्मेदाराना है. लाइन बिछाने के बाद काम में इस्तेमाल की गई जेसीबी मशीन को भी सड़क किनारे ही खड़ा कर दिया गया, जिससे सड़क और अधिक संकरी हो गई है. दुकानदारों का कहना है कि:
- मिट्टी को ठीक से समतल (Compaction) नहीं किया गया है.
- सड़क किनारे खड़ी मशीनों की वजह से आए दिन जाम लग रहा है.
- धूल और गड्ढों के कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा है.
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और रूडीफ् के अधिकारियों से मांग की है कि सीवरेज कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाए और काम पूरा होने के तुरंत बाद सड़क को पूर्व की स्थिति में लाया जाए. यदि जल्द ही इन गड्ढों को पक्का नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

