राजस्थान के डूंगरपुर जिले में बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया. आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे मासूम बच्चों से भरे एक ऑटो को तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी. इस दर्दनाक हादसे में 14 बच्चों और एक शिक्षक सहित कुल 16 लोग घायल हो गए। हालांकि, इस दुर्घटना के बीच बच्चों के हौसले की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, बलवाड़ा स्थित मुस्कान संस्थान के 14 बच्चे बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अपने एक शिक्षक के साथ ऑटो में सवार होकर डूंगरपुर शहर स्थित किशनलाल गर्ग स्कूल परीक्षा केंद्र जा रहे थे. बच्चों का आज संस्कृत का पेपर था. जैसे ही ऑटो बलवाड़ा पेट्रोल पंप मोड़ पर पहुँचा, सामने से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने ऑटो को अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क पर ही पलट गया और बच्चों में चीख-पुकार मच गई.
मदद को दौड़े राहगीर, चालक फरार
हादसे के तुरंत बाद कार चालक अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गया. वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए ऑटो में फंसे बच्चों को बाहर निकाला. सूचना मिलते ही पायलट शांतिलाल और ईएमटी चेतन एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
चोट और दर्द पर भारी पड़ा ‘बोर्ड परीक्षा’ का जुनून
संस्थान के निदेशक भरत नागदा भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे. जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया. शरीर पर पट्टियां बंधी थीं और चोट का दर्द भी था, लेकिन बच्चों का हौसला नहीं डगमगाया. प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद, ये सभी बच्चे हिम्मत दिखाते हुए सीधे परीक्षा केंद्र पहुंचे ताकि उनका साल खराब न हो.
“हादसा भयावह था, लेकिन बच्चों की बहादुरी ने सबका दिल जीत लिया. उपचार के बाद सभी बच्चे समय पर केंद्र पहुंचे और अपना संस्कृत का पेपर दिया.
फिलहाल पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है. क्षेत्र में बच्चों के इस साहस और जुनून की जमकर तारीफ हो रही है.

