डूंगरपुर नेशनल हाईवे-48 पर मुसाफिरों और वाहन चालकों के लिए काल बने अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. बिछीवाड़ा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डकैती की योजना बना रहे 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से तलवार, फरसा और भाला जैसे घातक हथियार बरामद हुए हैं.
फोटोग्राफरों से लूट और ड्राइवर पर जानलेवा हमला
मामले का खुलासा करते हुए एसपी मनीष कुमार ने बताया कि यह गैंग हाईवे पर सुनसान जगहों का फायदा उठाकर लूटपाट करती थी. 9 फरवरी की रात इस गिरोह ने मुंबई के दो फोटोग्राफरों को अपना निशाना बनाया था. तकनीकी खराबी के कारण जब उनकी टैक्सी बारौठी पुलिया के पास रुकी, तब बदमाशों ने फोटोग्राफरों को बंधक बनाकर उनसे कैमरे और कैश लूट लिए। विरोध करने पर उन्होंने ड्राइवर के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. बदमाश मौके से उनकी कार भी लूट कर फरार हो गए थे.
घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
थानाधिकारी कैलाश सोनी और DST को सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य फिर से किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं. पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- सुनील (25), निवासी पाटिया
- चुन्नीलाल उर्फ सुनील (21), निवासी पहाड़ा
- संजय (23), निवासी बिजुड़ा
- रमेश उर्फ पी.के. (23), निवासी बिजुड़ा
पुलिस ने मौके से दो पावर बाइक और मिर्च पाउडर के पैकेट भी जब्त किए हैं. हालांकि, गिरोह का एक मुख्य सदस्य भूपेंद्र उर्फ पप्पू अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है.
अपराधिक रिकॉर्ड: राजस्थान और गुजरात में फैला था जाल
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि गुजरात में भी सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और शराब तस्करी के कुल 21 मामले दर्ज हैं. वहीं, फरार आरोपी भूपेंद्र पर अकेले 17 केस दर्ज हैं.

