डूंगरपुर आगामी होली के त्योहार और चुनावी सरगर्मियों के बीच जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डूंगरपुर पुलिस पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रही है. रविवार को पुलिस लाइन ग्राउंड में जिला पुलिस ने भीड़ और उपद्रवियों से निपटने के लिए सघन पूर्वाभ्यास (मॉकड्रिल) किया. इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार ने स्वयं गन थामकर धड़ाधड़ कई राउंड फायर किए और जवानों को आपात स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए.
भीड़ को तितर-बितर करने का अभ्यास
त्योहारों के समय अक्सर मेलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ती है, जहां हुड़दंग या पथराव जैसी घटनाएं होने की आशंका रहती है. इन्हीं परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में एक विशेष प्रदर्शन किया गया. इसमें पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि कैसे न्यूनतम बल प्रयोग कर उग्र भीड़ को नियंत्रित किया जाए. अभ्यास के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया.
एसपी ने स्वयं किया गन से फायर
मॉकड्रिल की शुरुआत एसपी मनीष कुमार की मौजूदगी में हुई. जवानों का हौसला बढ़ाने और उन्हें सही तकनीक समझाने के लिए एसपी ने खुद गन हाथ में ली और 4 से 5 राउंड हवाई फायर किए. उन्होंने अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अप्रिय स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) देना अनिवार्य है, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
आधुनिक उपकरणों का प्रशिक्षण
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में जिले के प्रत्येक थाने से 4-4 चुनिंदा जवानों को शामिल किया गया था. परेड ग्राउंड में जवानों को आधुनिक दंगारोधी उपकरणों के संचालन का अभ्यास कराया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- पंप एक्शन गन और स्टन सेल
- आंसू गैस के गोले
- डाई मार्कर ग्रेनेड और हैंड ग्रेनेड
- केप्सी स्प्रे (मिर्च स्प्रे)
त्योहारों और चुनाव को लेकर सतर्कता
एसपी मनीष कुमार ने कहा कि होली के त्योहार पर हुड़दंग की आशंका और आगामी चुनावी समय को देखते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को मानसिक और शारीरिक रूप से किसी भी चुनौती के लिए तैयार करना है. यह प्रशिक्षण लाइन अधिकारी अरविंद त्रिवेदी और रिजर्व इंस्पेक्टर भैयालाल की देखरेख में संपन्न हुआ.

