डूंगरपुर खाकी वर्दी अक्सर अनुशासन और सख्त मिजाज के लिए जानी जाती है, लेकिन डूंगरपुर पुलिस के दो जवानों ने अपनी ईमानदारी से जनता का दिल जीत लिया है.कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात दो पुलिस कांस्टेबलों ने एक गुमशुदा पर्स को उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुंचाकर ईमानदारी की एक बड़ी मिसाल पेश की है।
20 दिन पहले गुम हुआ था पर्स
जानकारी के अनुसार, दोवड़ा थाना क्षेत्र के घटाऊ गांव निवासी जवाहरलाल कटारा अपनी पत्नी कलावती कटारा के साथ करीब 20 दिन पूर्व निजी कार्य से डूंगरपुर शहर आए थे. इस दौरान शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में उनका पर्स कहीं गिर गया था. पर्स में ₹10,200 की नकदी के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मौजूद थे. काफी तलाश करने के बाद भी जब पर्स नहीं मिला, तो दंपती ने उम्मीद छोड़ दी थी।
पुलिस जवानों को मिला लावारिस पर्स
गश्त के दौरान कोतवाली थाने के कांस्टेबल विकेंद्र सिंह राव और राजवीर सिंह चौहान को यह लावारिस पर्स मिला। जवानों ने जब पर्स खोलकर देखा तो उसमें नकद राशि के साथ जरूरी कागजात थे. दोनों जवानों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और पर्स में मौजूद दस्तावेजों के आधार पर उसके मालिक का पता लगाने की कोशिश शुरू की. कड़ी मशक्कत और कागजी सुरागों के जरिए वे जवाहरलाल कटारा तक पहुंचने में सफल रहे।
थाने बुलाकर सुरक्षित सौंपा सामान
गुरुवार को पुलिस के बुलावे पर जवाहरलाल और उनकी पत्नी कलावती डूंगरपुर कोतवाली थाना पहुंचे. यहाँ कांस्टेबल विकेंद्र सिंह और राजवीर सिंह ने पूरी पारदर्शिता के साथ दंपती को उनका पर्स सौंपा। अपना खोया हुआ पैसा और जरूरी दस्तावेज वापस पाकर दंपती की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पर्स वापस मिलने पर जवाहरलाल कटारा ने दोनों पुलिसकर्मियों की ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में भी ऐसे पुलिसकर्मी मौजूद हैं जो जनता के भरोसे को कायम रखे हुए हैं. उन्होंने पूरे कोतवाली थाने और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया।
पुलिस जवानों के इस सराहनीय कार्य की जिले भर में चर्चा हो रही है और उच्च अधिकारियों ने भी उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की है।

