डूंगरपुर राजस्थान में आगामी नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम भर्ती को लेकर प्रदेश के युवाओं के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है. ‘राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति’ ने टीएसपी क्षेत्र के पदों के आवंटन पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा है.
पदों के आवंटन पर विवाद का मुख्य कारण
संघर्ष समिति का दावा है कि पूर्व की भर्ती विज्ञप्तियों और आगामी प्रक्रियाओं में टीएसपी क्षेत्र के लिए पदों की संख्या ‘शून्य’ दिखाई जा रही है. अभ्यर्थियों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2023 की भर्ती में पदों का जो वितरण किया गया है, वह जनजातीय क्षेत्र के युवाओं के लिए तर्कसंगत नहीं है. इसी विरोध स्वरूप उन्होंने पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बंशीलाल कटारा को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
ज्ञापन के माध्यम से नर्सिंग कर्मियों ने शासन के समक्ष अपनी मांगों का चार्टर रखा है:
- पदों की संख्या में वृद्धि: नर्सिंग ऑफिसर के 12,000 और एएनएम के 7,000 पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए.
- टीएसपी के लिए विशेष प्रावधान: इस क्षेत्र के भौगोलिक और सामाजिक पिछड़ेपन को देखते हुए 2,000 नर्सिंग ऑफिसर और 1,000 एएनएम के अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग की गई है.
- चयन का आधार: भर्ती प्रक्रिया में बोनस अंकों के आधार पर चयन करने का आग्रह किया गया है ताकि अनुभवी कर्मियों को लाभ मिल सके.
शासन और प्रशासन का रुख
जहाँ एक ओर अभ्यर्थी भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं, वहीं जानकारों का मानना है कि पदों का आवंटन रिक्तियों और तकनीकी नियमों के आधार पर तय होता है. पूर्व प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने युवाओं की बात सुनने के बाद इसे सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार इन मांगों पर क्या तकनीकी स्पष्टीकरण देती है या क्या भविष्य में पदों के वर्गीकरण में कोई बदलाव किया जाता है.

