राजस्थान की राजनीति में इन दिनों टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी और डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक व जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है. मंत्री खराड़ी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए विधायक घोघरा ने उन पर गंभीर आरोप जड़े हैं.
मंत्री जी, राजनीति छोड़ बकरियां चराएं
विधायक गणेश घोघरा ने मंत्री खराड़ी पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी उम्र हो गई है और वे आदिवासी क्षेत्र का विकास करने में अक्षम हैं. घोघरा ने कहा, “आप अब चुपचाप बैठ जाएं और किसी युवा को मौका दें. आपके पास बकरियां हैं, आप इस्तीफा देकर वही चराएं, जनजाति का भला आपके बस की बात नहीं है.
52 बीघा जमीन हड़पने का आरोप

विधायक ने कागजात दिखाते हुए मंत्री खराड़ी और उनके बेटे पर बांसवाड़ा के दानपुर में गरीबों की 52 बीघा जमीन अवैध रूप से अपने नाम करने का आरोप लगाया. उन्होंने खुली चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप साबित हो जाए, तो वे राजनीति छोड़ देंगे. साथ ही उन्होंने मंत्री को इस जमीन मामले की निष्पक्ष जांच कराने की चुनौती भी दी.
एफआईआर पर सफाई और अधिकारियों को चेतावनी
मंत्री खराड़ी ने घोघरा पर जमीन धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज होने का आरोप लगाया था. इस पर सफाई देते हुए विधायक ने कहा कि ये एफआईआर निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं और पट्टों की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के कारण दर्ज हुई हैं.
घोघरा यहीं नहीं रुके, उन्होंने अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में वार्डों का गलत तरीके से परिसीमन किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “अभी सरकार भाजपा की है, इसलिए आप दबाव में काम कर रहे हैं. कांग्रेस की सरकार आने दीजिए, तब सबका हिसाब होगा। यह धमकी नहीं, चेतावनी है.
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
विधायक ने विधानसभा का हवाला देते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र में ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर मंत्री के करीबी लोग वसूली कर रहे हैं. उन्होंने डूंगरपुर के पूर्व भाजपा प्रत्याशी बंशीलाल कटारा का नाम लेते हुए कहा कि वे नौकरी के नाम पर पैसे ले रहे हैं और मंत्री उन पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं.

