डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका में चल रही सियासी उठापटक थमने का नाम नहीं ले रही है। नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर एक बार फिर संकट के बादल फट पड़े हैं। कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया, जिन्होंने कोर्ट के स्टे के बाद महज 7 दिन पहले ही अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी, उन्हें स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने मंगलवार को दोबारा निलंबित कर दिया है।
डीएलबी निदेशक एवं विशिष्ट सचिव जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने खोड़निया को निलंबित करने के आदेश जारी किए। उन पर पद का दुरुपयोग करने, अपने परिजनों को नियम विरुद्ध पट्टे देने और नाले व ग्रीन बेल्ट की जमीन खुर्द-बुर्द करने जैसे गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए गए हैं।
इन 5 बड़े आरोपों ने छीनी ‘कुर्सी‘
जांच रिपोर्ट और निलंबन आदेश के मुताबिक, नरेंद्र खोड़निया पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के संगीन आरोप हैं:
खुद को ही दे दिया पट्टा: आरोप है कि खोड़निया ने अपनी अध्यक्षता में गठित एम्पावर्ड कमेटी में खुद के नाम पर धारा 69(ए) के तहत पट्टा जारी करवा लिया। इसके लिए अतिरिक्त जमीन का शुल्क भी जमा नहीं करवाया गया।
भाई और बेटे को ‘गिफ्ट’ की सड़क: जांच में सामने आया कि 23 जून 2011 के सत्यापित प्लान में 30 फीट की सड़क थी। खोड़निया ने कूटरचना कर उस सड़क की जमीन को अपने भाई संतोष कुमार खोड़निया और बेटे सुमित खोड़निया के नाम कर दिया। कच्ची बस्ती क्षेत्र बताकर पट्टा क्रमांक 64 और 66 जारी कर दिए गए।
ग्रीन बेल्ट और नाले की जमीन का सौदा: कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद ग्रीन बेल्ट और नाले की जमीन पर आवासीय पट्टे जारी किए गए।
नियमों की धज्जियां: नरेश कुमार पाठक, अखिलेश पाठक और अन्य लोगों को अनैतिक लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी नियमों को ताक पर रखा गया।
नोटिस का जवाब नहीं: जांच में दोषी पाए जाने पर विभाग ने खोड़निया को स्पष्टीकरण नोटिस दिया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने माना कि पद पर रहते हुए वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
निलंबन, स्टे और फिर निलंबन: घटनाक्रम एक नजर में
नरेंद्र खोड़निया का कार्यकाल पिछले कुछ समय से विवादों में रहा है।
10 अप्रैल 2025: नगरपालिका भवन को गिराकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सरकार ने उन्हें पहली बार निलंबित किया था।
12 जनवरी 2026: लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने उनके निलंबन पर स्टे दे दिया।
14 जनवरी 2026: स्टे मिलने के बाद खोड़निया फिर से सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे।
20 जनवरी 2026: पदभार संभालने के 7वें दिन ही डीएलबी ने पुराने मामलों की जांच के आधार पर उन्हें फिर निलंबित कर दिया।
जब एक कुर्सी पर बैठ गए थे दो अध्यक्ष
महज 5 दिन पहले, 15 जनवरी को सागवाड़ा नगरपालिका में एक अजीबोगरीब वाकया हुआ था। कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया (कोर्ट स्टे के बाद) और भाजपा के आशीष गांधी (कार्यवाहक अध्यक्ष), दोनों ही अध्यक्ष की कुर्सी पर जाकर बैठ गए थे। दोनों ने खुद को वैधानिक अध्यक्ष बताया, जिससे प्रशासन सकते में आ गया था। अधिशाषी अभियंता को मार्गदर्शन के लिए सरकार को पत्र लिखना पड़ा था। अब नए आदेश के बाद सागवाड़ा की राजनीति में फिर से उबाल आ गया है।
सागवाड़ा में सियासी भूचाल: कुर्सी पर लौटने के 7वें दिन नपा अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया फिर निलंबित, नाले की जमीन और सड़क हड़पने के गंभीर आरोप

