
डूंगरपुर। उदयपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद मन्नालाल रावत ने भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और सांसद राजकुमार रोत पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को डूंगरपुर के सागवाड़ा दौरे पर रहे रावत ने बीएपी की विचारधारा को क्षेत्र के विकास और संस्कृति के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा न केवल विकास विरोधी है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है।
विकास योजनाओं में बाधा डालने का आरोप
सांसद रावत ने केंद्र सरकार की ‘वीबीजी रामजी’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नरेगा के 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर 125 दिन किया जा रहा है और बायोमेट्रिक हाजिरी से पारदर्शिता लाई जा रही है, वहीं कुछ लोग इन विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह विकसित गाँव बनाने की योजना है, लेकिन विकास विरोधी तत्व इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं।”
‘हिंदुत्व और समरसता विरोधी है यह विचार’
राजकुमार रोत का नाम लिए बिना रावत ने कहा कि 2014 के बाद वागड़ में एक ऐसी विचारधारा का जन्म हुआ है जो पूरी तरह ‘आयातित’ है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
“यह विचार हिंदुत्व और हिंदू समाज का विरोधी है। मानगढ़ धाम जैसी पवित्र जगह पर जाकर ये लोग कहते हैं कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं। यह समाज की समरसता को बिगाड़ने की कोशिश है। यह विचारधारा युवाओं को शिक्षा के बजाय पत्थरबाजी की राह पर ले जा रही है।”
रावत ने तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह महाराणा प्रताप ने बाहरी आक्रांताओं का मुकाबला किया था, उसी तरह वे भी इस विनाशकारी विचारधारा का डटकर मुकाबला करेंगे।
दिशा बैठक में हंगामे पर जताई नाराजगी
हाल ही में ‘दिशा’ की बैठक में राजकुमार रोत के साथ हुई तीखी बहस पर रावत ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केंद्र की 103 जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करना था। अधिकारी भी इसी तैयारी के साथ आए थे, लेकिन रोत ने केवल हंगामा कर पूरा समय खराब किया। उन्होंने इसे आदिवासी क्षेत्र के विकास के साथ खिलवाड़ बताया।
कांग्रेस के पतन पर टिप्पणी
महेंद्रजीत सिंह मालवीय और कांग्रेस की स्थिति पर पूछे गए सवाल पर रावत ने कहा कि भाजपा का संगठन और जनमत मजबूत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस आज जहाँ भी पिछड़ रही है, वह अपनी खुद की गलतियों और गलत नीतियों के कारण पिछड़ रही है।

