डूंगरपुर राजस्थान में सुशासन और आमजन को त्वरित राहत देने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने एक अनूठी मिसाल पेश की है. मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और डूंगरपुर जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते संपर्क पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत का निस्तारण मात्र 2 घंटे के भीतर कर दिया गया.
जब मुख्यमंत्री का आया फोन…
शुक्रवार को डूंगरपुर के साबला तहसील अंतर्गत बोडीगाम छोटा निवासी जितेन्द्र सिंह उस समय हैरान रह गए जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने उनसे संवाद किया. मुख्यमंत्री ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरण के संबंध में जितेंद्र सिंह से बात की. परिवादी ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों (संयम और क्रिया) के मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के लिए 7 दिन पहले आवेदन किया था, लेकिन काम अटका होने के कारण उन्होंने पोर्टल पर परिवेदना दर्ज कराई थी.
2 घंटे में जारी हुए प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना मिलते ही डूंगरपुर जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह एक्शन मोड में आ गए. दोपहर 3:00 बजे सूचना प्राप्त होते ही उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश दिए. प्रशासन की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि शाम 5:00 बजे तक यानी मात्र 120 मिनट के भीतर दोनों बच्चों के मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए.
आमजन का बढ़ा भरोसा
अमूमन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने वाले काम जब इतनी गति से हुए, तो परिवादी जितेंद्र सिंह ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया. जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है.

