वागदरी (डूंगरपुर) जागरण जनसेवा मंडल के तत्वावधान में रविवार को वागदरी में 22वीं सोहनलाल लोढ़ा स्मृति वार्षिक व्याख्यानमाला का भव्य आयोजन किया गया. इस अवसर पर आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संगम के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई. कार्यक्रम के दौरान सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर के सहयोग से निर्मित विस्तारित छात्रावास भवन का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत लोकार्पण किया गया.
सेवा का क्षेत्र असीमित, स्वार्थ से मुक्त हो
गोविंद गुरु विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय के सभागार में आयोजित मुख्य व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए प्रख्यात रामकथा मर्मज्ञ और सामाजिक चिंतक कमलेश भाई शास्त्री ने कहा कि सेवा को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता. उन्होंने कहा, “सच्ची राष्ट्र सेवा वही है जो संवेदना, समता और साहस से भरी हो तथा जिसमें स्वार्थ का कोई स्थान न हो.” शास्त्री ने जोर देकर कहा कि आज विश्व भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है, ऐसे में हमें जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को भुलाकर समग्र मानवता के कल्याण के लिए एकजुट होना होगा.
संस्कृति ही राष्ट्र की आत्मा: स्वामी राजेश्वरानंद
काशी शिवपुरी आश्रम के स्वामी राजेश्वरानंदजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि कोई भी राष्ट्र केवल एक भू-भाग नहीं होता, बल्कि उसकी सभ्यता और संस्कृति ही उसकी वास्तविक आत्मा होती है. उन्होंने श्रेष्ठ समाज के निर्माण के लिए सेवा भाव और समता को अनिवार्य बताया.
मूलचंद लोढ़ा के कार्यों की सराहना
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा ने की. उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा में त्याग और समर्पण के महत्व को रेखांकित करते हुए पदमश्री मूलचंद लोढ़ा द्वारा समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की. इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने भगवान श्रीराम के भजनों पर मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया.
प्रबुद्धजनों की रही गरिमामय उपस्थिति
इस गरिमामय आयोजन में गुरुकुल शैक्षणिक संस्थान के निदेशक शरद जोशी, समाजसेवी रमेश वारियानी, विमल कुमार चौरडिया, डॉ. दलजीत यादव सहित कई प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे. कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षाविद यशवंत पंड्या ने किया और अंत में डॉ. यादव ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया.

