Headlines

डूंगरपुर: ‘दिशा’ की बैठक में रणक्षेत्र बना सभागार, कलेक्टर के सामने BAP विधायक ने भाजपा सांसद को दी ‘मैदान में आने’ की चुनौती

अध्यक्ष के अधिकार और केंद्र की योजनाओं को लेकर भिड़े सांसद, सुरक्षाकर्मियों के बीच-बचाव के बाद शांत हुआ मामला
डूंगरपुर। जिला परिषद के ईडीपी सभागार में सोमवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब निर्वाचित जनप्रतिनिधि आपस में ही भिड़ गए। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एएसपी मुकेश सांखला की मौजूदगी में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच शुरू हुई बहस मारपीट की नौबत तक पहुंच गई। आसपुर विधायक उमेश डामोर ने भाजपा सांसद को खुलेआम मैदान में आने की चुनौती दे डाली।


विवाद की शुरुआत: एजेंडा बनाम जनहित के मुद्दे
बैठक की शुरुआत होते ही BAP सांसद राजकुमार रोत ने निर्धारित एजेंडे से हटकर राज्य सरकार से जुड़े स्थानीय मुद्दों को उठाना शुरू किया। इस पर भाजपा सांसद मन्नालाल रावत ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘दिशा’ की बैठक का नियम केवल केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा करना है।
सांसद रोत ने पलटवार करते हुए कहा— “बैठक का अध्यक्ष मैं हूं और यहां क्षेत्र की हर उस समस्या पर चर्चा होगी जो जनता से जुड़ी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि रावत केवल माहौल खराब करने और डूंगरपुर के विकास को रोकने के लिए आए हैं।
“मैदान में आओ खुलके”: विधायक की खुली धमकी
बहस तब और हिंसक हो गई जब मन्नालाल रावत ने खुद को धमकाए जाने की बात कही। इसी बीच आसपुर विधायक उमेश डामोर भी विवाद में कूद पड़े। डामोर ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सांसद मन्नालाल रावत को धमकाया और कहा— “लड़ाई करनी है तो बाहर आ जाना, मैदान में आओ खुलके।”
अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
करीब 15 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान सभागार में भारी तनाव फैल गया। स्थिति को बिगड़ते देख सदन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों (Security Guards) ने तुरंत बीच-बचाव किया। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एएसपी मुकेश सांखला समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया, जिसके बाद बैठक की कार्यवाही पुनः शुरू हो सकी।
क्या है संसदीय समीकरण?
डूंगरपुर जिले में कुल 4 विधानसभा सीटें आती हैं:
बांसवाड़ा-डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र: इसमें डूंगरपुर, चौरासी और सागवाड़ा विधानसभा आती है, जिसका प्रतिनिधित्व राजकुमार रोत (BAP) करते हैं।
उदयपुर संसदीय क्षेत्र: इसमें आसपुर विधानसभा क्षेत्र आता है, जिसका प्रतिनिधित्व मन्नालाल रावत (BJP) करते हैं।
चूंकि दोनों सांसद एक ही जिले की अलग-अलग विधानसभाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए ‘दिशा’ की बैठक में वर्चस्व की यह जंग खुलकर सामने आई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *