डूंगरपुर जिले की चितरी थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने करीब 10 साल से फरार चल रहे एक शातिर ठग को जयपुर के कोटपुतली से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने ‘सिद्धि शंकर’ नाम की फर्जी बैंक के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई को दोगुना करने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी की थी.
क्या था पूरा मामला?
ठगी का यह खेल वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। पुलिस के अनुसार, गलियाकोट थाना क्षेत्र के भीगा निवासी एक स्थानीय व्यापारी को आरोपियों ने अपनी बातों के जाल में फंसाया. उन्होंने “सिद्धि शंकर” नाम की एक कथित बैंक में एफडी (Fixed Deposit) करवाने पर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया. इतना ही नहीं, पीड़ित को एजेंट बनाकर मोटा कमीशन देने का झांसा भी दिया गया.
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित व्यापारी ने अपने और अपने परिचितों के करीब 5.50 लाख रुपए बैंक में जमा करवा दिए. कुछ समय बाद जब पीड़ित और अन्य खाताधारक अपनी मैच्योरिटी राशि लेने कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला. आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए थे, जिसके बाद ठगी का एहसास होने पर मामला दर्ज कराया गया.
10 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूर्व में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी रोहित बनर्जी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था. वह पिछले एक दशक से अपनी पहचान छिपाकर फरार था. जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों के जाल के जरिए आरोपी का पीछा किया.
‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत हुई गिरफ्तारी
आरोपी की लोकेशन जयपुर के कोटपुतली में मिलने पर चितरी थाना पुलिस की विशेष टीम ने वहां दबिश दी और घेराबंदी कर रोहित बनर्जी को धर दबोचा. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल थे और ठगी गई राशि का उपयोग कहां किया गया.

