राजस्थान के डूंगरपुर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर हंट’ के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. दोवड़ा थाना क्षेत्र के लीलवासा गांव के पास एक खंडहर भवन में बैठकर देशभर के लोगों को चूना लगा रहे 13 शातिर साइबर ठगों को पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा है.
नीम के पेड़ के नीचे बैठकर बुन रहे थे ठगी का जाल
जिला साइबर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि लीलवासा के पास एक सुनसान खंडहर में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है. जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो वहां नीम के पेड़ की छांव में बैठकर मोबाइल और इंटरनेट के जरिए ठगी कर रहे युवकों में हड़कंप मच गया. पुलिस ने घेराबंदी कर सभी 13 आरोपियों को हिरासत में ले लिया.
फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस और अश्लील फोटो का झांसा
पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी Locanto, Skooka, और Schloka जैसी वेबसाइटों पर फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन डालते थे. इंटरनेट से डाउनलोड की गई अश्लील फोटो को व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए भेजकर लोगों को झांसे में लेते थे. इसके बाद ‘एडवांस बुकिंग’ और ‘रजिस्ट्रेशन फीस’ के नाम पर फर्जी बैंक खातों में पैसे डलवाकर ठगी की जाती थी.
जल्दी पैसा कमाने की चाहत में दलदल में फंसे युवा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ज्यादातर युवक कम उम्र के हैं, जो महंगे शौक और जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं. पकड़े गए आरोपी लीलवासा, बडलिया, जसपुर, रायणा और डोली जैसे गांवों के रहने वाले हैं.
‘ऑपरेशन साइबर हंट’ के आंकड़े
डूंगरपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक जिले में 19 मामले दर्ज कर 93 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कार्रवाई के दौरान अब तक 126 मोबाइल, 225 सिम कार्ड, 18 डेबिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं. पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों और अन्य नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि बड़े खुलासे हो सकें.

