उदयपुर जिले के बावलवाड़ा थाना क्षेत्र के राछा गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. चार दिन पहले अपने ही घर में फांसी का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश करने वाली एक विवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई है. परिजनों ने समय रहते उसे फंदे से उतारकर अस्पताल तो पहुंचा दिया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
22 मार्च को उठाया था आत्मघाती कदम
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राछा निवासी मंजू (24), पत्नी अनिल चौहान ने बीते 22 मार्च को अज्ञात कारणों के चलते अपने घर के कमरे में फांसी का फंदा लगा लिया था. घटना के वक्त घर में मौजूद परिजनों की नजर जब फंदे पर झूलती मंजू पर पड़ी, तो कोहराम मच गया. परिजनों ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाई और फंदा काटकर उसे नीचे उतारा.
डूंगरपुर जिला अस्पताल में चल रहा था उपचार
गंभीर और अचेत अवस्था में परिजन मंजू को तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. पिछले चार दिनों से आईसीयू में विशेषज्ञों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा था. डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन गर्दन की नसें दबने और ऑक्सीजन की कमी के कारण उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो पाया. अंततः, आज इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
मासूम के सिर से उठा मां का साया
मृतका मंजू एक छोटे बच्चे की मां थी. उसकी मौत के बाद मासूम के सिर से मां का साया उठ गया है, जिससे पूरे परिवार और गांव में शोक की लहर है. बावलवाड़ा थाना पुलिस ने सूचना मिलने पर डूंगरपुर अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाया और कानूनी कार्रवाई के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया.
पुलिस जांच में जुटी
बावलवाड़ा थाना पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर वह क्या वजह थी, जिसके कारण एक बच्चे की मां ने ऐसा कठोर कदम उठाया। पुलिस मृतका के पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष के बयान दर्ज कर रही है ताकि आत्महत्या के सही कारणों का खुलासा हो सके.

