उदयपुर जिले की गोगुंदा थाना पुलिस ने “सुदर्शन चक्र-2” अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने डोडा चूरा तस्करी के मामले में पिछले 23 वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी दो दशकों से अधिक समय से वेश बदलकर अलग-अलग राज्यों में फरारी काट रहा था.

पशु खरीदार बनकर पहुंची पुलिस
थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी अपने ठिकाने बदल रहा है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक अनूठी योजना बनाई. पुलिस टीम ने अपनी पहचान छिपाकर ‘पशु खरीदार’ का रूप धारण किया और आरोपी के करीब पहुंची। जैसे ही आरोपी झांसे में आया, पुलिस ने उसे दबोच लिया.
73 साल का है आरोपी जोधाराम
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोधाराम पुत्र कानाराम (73), निवासी चौधरियों की ढाणी, पूनासा (जालौर) के रूप में हुई है. जोधाराम साल 2001-2002 के दौरान डोडा चूरा तस्करी के एक बड़े मामले में वांछित था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था. उदयपुर रेंज महानिरीक्षक द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
अभियान “सुदर्शन चक्र-2” का असर
महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज और जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए “सुदर्शन चक्र-2” अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत गोगुंदा पुलिस तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुराने अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है. 23 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी को पुलिस टीम की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
जांच और आगामी कार्रवाई
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी थी और क्या वह किसी अन्य अवैध गतिविधियों में भी लिप्त रहा है. आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम न्यायिक कार्रवाई की जाएगी.

