उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र स्थित अमर चंदिया तालाब में डूबे युवक का शव करीब 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह बरामद कर लिया गया. राजस्थान नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) की टीम ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए गोगुंदा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया.
रविवार शाम को हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, कठार काली मंगरी निवासी 35 वर्षीय चुन्नीलाल पुत्र खमणाजी गमेती रविवार शाम करीब 4 बजे अमर चंदिया तालाब के पास गए थे, जहां वे अचानक तालाब के गहरे पानी में डूब गए. हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर युवक की तलाश शुरू की, लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी.
ग्रामीणों ने घटना की सूचना अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौड़ को दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके निर्देश पर सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर भेजी गई.
गलत लोकेशन से बढ़ी मुश्किलें, 20 घंटे चला अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा युवक के डूबने का स्थान गलत बताए जाने के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी समय बर्बाद हुआ. इसके बावजूद सिविल डिफेंस की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार बोट व गोताखोरों की मदद से पूरे तालाब में गहनता से खोजबीन जारी रखी.
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गोताखोरों ने युवक के शव को खोज निकाला और बाहर निकाला.
रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल
इस कठिन और लंबे चले रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने में बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया, गोताखोर विपुल चौधरी, विजय नकवाल, गौरव बागोरा, भवानी शंकर वाल्मीकि, रवि शर्मा तथा वाहन चालक प्रकाश राठौड़ और मुकेश सेन सहित सिविल डिफेंस के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

