उदयपुर जिले की सविना थाना पुलिस ने फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने फरार चल रहे 10-10 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पनाह देने, ठिकाना मुहैया कराने और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले मुख्य मददगार को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ा गया आरोपी हरियाणा के नूंह में रहकर बदमाशों की मदद कर रहा था.
होटल पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग
घटना 30 अगस्त की रात करीब 1:30 बजे की है, जब सविना खेड़ा निवासी प्रेम सिंह सोलंकी अपने दोस्तों के साथ बलिचा स्थित महादेव होटल पर मौजूद थे. इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते इटियोस कार में आए बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में फरदीन नामक युवक को दो गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था.
साजिशकर्ता पहले ही जा चुके हैं जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी मुजफ्फर हुसैन उर्फ गोगा, जयेश गुर्जर, गोविंदलाल गुर्जर उर्फ सोनू और हथियार मुहैया कराने वाले रोनक राव उर्फ रोनी को पहले ही जेल भेज दिया था.
पनाह देने वाले की पहचान और गिरफ्तारी
वारदात के बाद से फरार आरोपी उस्मान गनी और मोहसिन गदनिया उर्फ कान्हा पर 10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया था. दोनों आरोपी अजमेर, जयपुर, दिल्ली, यूपी और गुजरात में ठिकाने बदल रहे थे. साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने इन्हें शरण देने वाले 21 वर्षीय तौफीक खान (निवासी आजाद नगर, उदयपुर) को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी नूंह (हरियाणा) में रहकर बदमाशों को पैसे और छिपने की जगह दे रहा था.
पुलिस की सख्त चेतावनी
उदयपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी तरह की पनाह, आर्थिक मदद या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

