डूंगरपुर देश में नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों व युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में डूंगरपुर शहर के व्यस्त तहसील चौराहे पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) सहित विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बुलंद की.
कालीबाई प्रतिमा के समक्ष जलाईं मोमबत्तियां

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने तहसील चौराहे पर स्थित वीर बाला कालीबाई की प्रतिमा के समक्ष मोमबत्तियां जलाईं. यहाँ प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक और इस परीक्षा में हुई धांधली से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले देश के 22 होनहार छात्रों को याद किया. कालीबाई प्रतिमा के सामने दो मिनट का मौन रखकर सभी दिवंगत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए SFI के प्रदेश उपाध्यक्ष फाल्गुन बराड़ा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के साथ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय मांग रहे बेकसूर छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज लोकतंत्र की हत्या है. सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए युवाओं की आवाज दबा रही है, जिसे देश का युवा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.
निष्पक्ष जांच और कड़े कानून की मांग
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक नीट परीक्षा की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होता, तब तक यह आंदोलन गांव-गांव तक जारी रहेगा.

