डूंगरपुर/सागवाड़ा. केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर वागड़ अंचल में सियासत गर्मा गई है. एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी के विधायक ने इसे सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बताया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय सांसद ने बजट की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
विधायक शंकरलाल डेचा: “हर वर्ग के उत्थान का बजट”
सागवाड़ा से भाजपा विधायक शंकरलाल डेचा ने बजट का स्वागत करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में गरीब, मजदूर, महिला, किसान और युवाओं का विशेष ध्यान रखा है. विधायक डेचा ने स्वास्थ्य क्षेत्र की घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा, “बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है, जिससे इलाज और दवाइयां सस्ती होंग. यह बजट 2047 के विकसित भारत के विजन को पूरा करने वाला है, जिससे आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी.
सांसद राजकुमार रोत: “शिक्षित बेरोजगारों के साथ छलावा”
दूसरी ओर, बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने बजट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए ‘रील बजट’ की संज्ञा दी है. सांसद रोत ने कहा कि देश के शिक्षित बेरोजगारों के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा या सरकारी नौकरियों के बजाय रील बनाने और गेमिंग स्टार्टअप पर ध्यान दे रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में रील बनाने का प्रशिक्षण देना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ है. रोत के अनुसार, “यह बजट आदिवासियों, दलितों और किसानों को दरकिनार कर केवल उद्योगपतियों और चुनावी राज्यों को लाभ पहुंचाने वाला है.
बजट के दो पहलू: विकास बनाम गुणवत्ता
जहाँ सत्ता पक्ष इसे भविष्य की नींव बता रहा है, वहीं विपक्ष का मानना है कि बुनियादी मुद्दों को छोड़कर सरकार दिखावे पर ध्यान दे रही है. अब देखना यह होगा कि बजट की इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर वागड़ की जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है.

