डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के वागदरी के पास नेशनल हाईवे 927A पर हुए भीषण सड़क हादसे ने अब एक और परिवार की खुशियां छीन ली हैं. हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 10वीं कक्षा के छात्र ने सात दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद आखिरकार अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस दुर्घटना में अब तक दो युवकों की जान जा चुकी है.
7 दिन बाद मोडासा में थमी सांसें
सदर थाना एसआई रमेशचंद्र ने बताया कि हादसे में घायल मनसी (18) पुत्र हजारीलाल डामोर निवासी वागदरी, का गुजरात के मोडासा स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था. 27 जनवरी को हुए हादसे के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे डूंगरपुर से रेफर किया गया था. परिजनों ने उसे बेहतर इलाज दिलाने के लिए मोडासा में भर्ती कराया था, लेकिन सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
हादसे के दिन ही हो गई थी एक की मौत
यह दर्दनाक हादसा 27 जनवरी को उदयपुर रोड पर वागदरी गांव के समीप हुआ था. नेशनल हाईवे पर दो बाइकों के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी. मनसी डामोर उस वक्त गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी अब सात दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई.
परिजनों में कोहराम
सोमवार को छात्र का शव मोडासा से डूंगरपुर लाया गया और जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया. सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए और पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया. 10वीं कक्षा के छात्र की मौत की खबर सुनते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

