डूंगरपुर जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत चौरासी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने करावाड़ा नदी के पुल पर राहगीर से मोबाइल और नकदी लूटने के मामले का महज कुछ ही दिनों में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उनके पास से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है.
क्या था पूरा मामला?
चौरासी थानाधिकारी (CI) भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि गोरदा निवासी विजयपाल ने 2 फरवरी को थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पीड़ित के अनुसार, 1 फरवरी 2026 की रात करीब 7:30 बजे वह अस्पताल में भर्ती अपनी भाभी को टिफिन देकर घर लौट रहा था. जब वह करावाड़ा नदी के पुल के पास पहुँचा, तो दो अज्ञात युवकों ने उसे रास्ता रोककर रोक लिया. आरोपियों ने विजयपाल के साथ मारपीट की, उसे लात मारकर गिरा दिया और घसीटते हुए नदी की ओर ले गए. वहाँ बदमाशों ने चाकू दिखाकर उसे जान से मारने की धमकी दी और उसका कीमती मोबाइल फोन व कवर में रखे 500 रुपए छीनकर फरार हो गए.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए. उनके निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सहायता से संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की. गहन छानबीन के बाद पुलिस ने पाडला माना रोत निवासी दो युवकों को हिरासत में लिया:
- राहुल रोत (19 वर्ष)
- राजेश रोत (20 वर्ष)
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन और नकदी बरामद कर ली है.
इलाके में बढ़ी पुलिस की सक्रियता
‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप है. पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं.

