डूंगरपुर जिले के ग्रामीण विकास को नई गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई.
भ्रांतियों पर लगाम: ‘जी रामजी’ बनाम मनरेगा
जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने कार्यशाला के दौरान योजना को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए ‘सत्य बनाम भ्रम’ पर चर्चा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘जी रामजी’ योजना मनरेगा की तर्ज पर ही संचालित होगी, लेकिन इसका मुख्य फोकस ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाने पर रहेगा. कलेक्टर ने कहा, “पिछले 20 वर्षों में मनरेगा के जरिए पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य हुए हैं. अब ग्रामीण क्षेत्रों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए टिकाऊ ढांचे की जरूरत है, जिसे यह नई योजना पूरा करेगी.
योजना की मुख्य विशेषताएं और बदलाव:
इस योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे:
- रोजगार में वृद्धि: अब श्रमिकों को 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार प्रदान किया जाएगा.
- इन क्षेत्रों पर रहेगा जोर: पानी की सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, आजीविका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और क्लाइमेट रेजिलीएंस (जलवायु लचीलापन).
- किसानों का हित: खेती के पीक सीजन के दौरान योजना को अस्थायी रूप से बंद रखने का प्रावधान है, ताकि कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की कमी न हो और किसानों को असुविधा न हो.
- समन्वित बजट: केंद्र और राज्य सरकार के बजट के साथ स्थानीय स्तर पर तालमेल बिठाकर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी.
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला परिषद के सीईओ हनुमान सिंह राठौड़ और एसीईओ अनिल पहाड़िया सहित विकास अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे इस योजना का लाभ धरातल पर पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना सुनिश्चित करें.

