डूंगरपुर जिले की नवनियुक्त प्रभारी सचिव और स्टेट मिशन निदेशक (आजीविका परियोजनाएं) नेहा गिरी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर डूंगरपुर पहुंचीं. पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के अपने पहले दौरे के दौरान उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की मजबूती पर जोर दिया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया.
अन्नपूर्णा रसोई और ‘दीदी की कैंटीन’ का निरीक्षण
दौरे की शुरुआत में प्रभारी सचिव ने जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह के साथ देवल पंचायत का दौरा किया. यहाँ उन्होंने महिला समूहों द्वारा संचालित अन्नपूर्णा रसोई और दीदी की कैंटीन का बारीकी से अवलोकन किया. उन्होंने महिलाओं से भोजन की गुणवत्ता, मेन्यू और उनके मानदेय के बारे में विस्तार से चर्चा की और पंजीकरण प्रक्रिया को और सुगम बनाने के निर्देश दिए.
सतीरामपुर में हस्तशिल्प को सराहा

इसके बाद नेहा गिरी सतीरामपुर गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने मां राजीविका महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) का निरीक्षण किया. उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों को देखा और उनकी मेहनत की सराहना की. सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके.
फलोज में वितरित किए टैबलेट, ‘लखपति दीदी’ योजना पर जोर
फलोज पंचायत में आयोजित ग्रामोत्थान शिविर के दौरान प्रभारी सचिव ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराया. उन्होंने ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को टैबलेट वितरित किए. उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अपने व्यापार को नए आयाम दे सकती हैं.
राजसखी वागड़ मेले का भव्य उद्घाटन
दौरे के अंतिम चरण में नेहा गिरी ने डूंगरपुर शहर के त्रिवेदी ब्राह्मण समाज हॉस्टल परिसर में सात दिवसीय राजसखी वागड़ मेले का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया. मेले में जिलेभर के स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं. प्रभारी सचिव ने स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और महिला समूहों को ऋण के चेक भी वितरित किए.
इस दौरान जिला प्रशासन और राजीविका के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी सचिव के इस दौरे से जिले में संचालित विकास योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है.

