डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) के निर्देशन में चलाई जा रही “ऑपरेशन शिकंजा” मुहिम के तहत धम्बोला पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने धम्बोला गांव में एक सूने मकान में दिन-दहाड़े हुई करीब 1 करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है.
शादी में गया था परिवार, पीछे से हुई चोरी
घटना 12 फरवरी 2026 की है, जब धम्बोला निवासी प्रदीप कुमार पण्ड्या अपने पूरे परिवार के साथ एक रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने गुजरात गए थे. शाम को जब परिवार वापस लौटा, तो घर के पीछे का दरवाजा टूटा हुआ मिला और अलमारी से करीब 49 तोला सोना और 6 किलो चांदी के आभूषण गायब थे. पीड़ित की रिपोर्ट पर धम्बोला थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया.
लग्जरी लाइफस्टाइल और नशे के शौक ने बनाया अपराधी

पुलिस टीम और साइबर सेल ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों को घेरा. पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन्हें लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी गाड़ियां, फोन और नशे के शौक को पूरा करने के लिए रुपयों की सख्त जरूरत थी, जिसके चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त थार गाड़ी (SUV) को भी जब्त कर लिया है.
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक विधि से संघर्षरत बालक को डिटेन किया है:
अंकित पाटीदार (28 साल), निवासी झलाप.
प्रित देसाई (21 साल), निवासी सीमलवाड़ा.
पूरी बरामदगी और विशेष भूमिका
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस पूरे खुलासे में साइबर सेल के कांस्टेबल आदित्य मेहता की विशेष भूमिका रही. जिला पुलिस अधीक्षक ने टीम के उत्साहवर्धन हेतु उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है.

