राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र स्थित सुराता मार्बल माइंस में एक दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और सामाजिक कुरीतियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. क्रेन की केबल टूटने से घायल हुए एक हिटाची ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद मुआवजे (मौताणा) की मांग को लेकर करीब 60 घंटे तक शव माइंस में ही पड़ा रहा.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, सुराता निवासी मगनलाल कटारा माइंस में हिटाची ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था. 17 फरवरी को माइंस में काम के दौरान क्रेन की मदद से हिटाची मशीन को नीचे उतारा जा रहा था. मगनलाल उस वक्त नीचे ही खड़ा था. अचानक क्रेन की भारी-भरकम लोहे की केबल टूट गई और अनियंत्रित होकर सीधे मगनलाल के सिर पर जा लगी. प्रहार इतना जबरदस्त था कि मगनलाल की मौके पर ही मौत हो गई.
3 दिनों तक चला गतिरोध
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. ग्रामीण माइंस मालिक को मौके पर बुलाने और भारी मुआवजे (मौताणा) की मांग पर अड़ गए। प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बावजूद परिजन झुकने को तैयार नहीं थे.
- समय सीमा: लगभग 60 घंटों तक शव माइंस के उसी स्थान पर पड़ा रहा.
- समझौता: बुधवार देर शाम माइंस मालिक और परिजनों के बीच मौताणा की राशि को लेकर सहमति बनी.
- कार्रवाई: समझौता होने के बाद देर रात शव को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट किया गया.
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
गुरुवार सुबह परिजनों ने चौरासी थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई. पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है. थाना पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या माइंस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और केबल टूटने का मुख्य कारण क्या था.

