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डूंगरपुर नगर परिषद का ‘सफाई’ पर प्रहार: गंदे भूखंडों पर गाड़े बोर्ड, 7 दिन में सफाई नहीं तो होंगे ‘सीज’

डूंगरपुर शहर की स्वच्छता और सुंदरता को लेकर नगर परिषद अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है. स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत परिषद ने शहर के विभिन्न इलाकों में गंदगी का केंद्र बने निजी भूखंडों (प्लॉट्स) के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है. बार-बार चेतावनी के बावजूद सफाई न कराने वाले भूखंड स्वामियों पर नकेल कसते हुए परिषद ने उनके खाली प्लॉटों पर ‘नगर परिषद संपत्ति’ के बोर्ड लगा दिए हैं.

इन इलाकों में हुई बड़ी कार्रवाई

नगर परिषद की टीम ने गुरुवार को शहर के प्रमुख क्षेत्रों में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान:

  • पत्रकार कॉलोनी: यहाँ कुल 8 भूखंडों पर गंदगी पाए जाने पर बोर्ड लगाए गए.
  • सदर थाना से हॉस्पिटल रोड: मार्ग पर स्थित 6 भूखंडों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई.
  • हॉस्पिटल रोड (मंगल चाय के पास): यहाँ भी एक भूखंड पर सफाई कराकर बोर्ड लगाया गया.

परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, इन भूखंड स्वामियों को पहले दो बार सार्वजनिक सूचना (आम सूचना) के जरिए सफाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनकी अनदेखी के बाद यह कदम उठाना पड़ा.

7 दिन का अल्टीमेटम: 10,000 जुर्माना या सीज

नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन भूखंडों पर बोर्ड लगाए गए हैं, उनके मालिक यदि अगले 7 दिनों के भीतर सफाई नहीं करवाते हैं और 10,000 रुपये का जुर्माना जमा नहीं करते हैं, तो उन भूखंडों को स्थाई रूप से सीज कर दिया जाएगा.

सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों की अब खैर नहीं

सिर्फ खाली भूखंड ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण के दौरान लापरवाही बरतने वालों पर भी परिषद की पैनी नजर है. यदि कोई मकान मालिक या ठेकेदार सड़क या नाली में रेत, गिट्टी या अन्य निर्माण सामग्री फैलाता पाया गया, तो उस पर 5,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही, मौके पर पड़ी सामग्री को परिषद द्वारा जब्त कर लिया जाएगा.

नगर परिषद प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें, अन्यथा भविष्य में और भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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