डूंगरपुर जिला परिवहन विभाग ने बकाया टैक्स वाले वाहनों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने पूरे जिले में सघन जांच अभियान छेड़ दिया है. जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मनीष माथुर के नेतृत्व में विभाग की टीमें दिन-रात सक्रिय हैं.
250 वाहन जब्त, 95 प्रतिशत जुर्माने में छूट का मौका
विभागीय उड़नदस्तों द्वारा 24 घंटे की जा रही नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान अब तक लगभग 250 बिना टैक्स वाले वाहनों को जब्त किया जा चुका है. गौरतलब है कि भार वाहनों के लिए वार्षिक कर जमा कराने की अंतिम तिथि 15 मार्च थी. समय सीमा बीत जाने के बाद भी 100 से अधिक वाहन स्वामियों ने टैक्स जमा नहीं किया है.
विभाग ने अब इन डिफॉल्टर वाहनों के रजिस्ट्रेशन और परमिट निलंबित या निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. राहत की बात यह है कि ई-रवन्ना चालानों पर एमनेस्टी योजना के तहत जुर्माना राशि में 95 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है.
9 करोड़ का राजस्व संग्रह, मार्च में अवकाश के दिन भी खुलेगा कार्यालय
जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने बताया कि इस अभियान के चलते केवल मार्च महीने में ही विभाग ने करीब 9 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है. अभियान की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग का कार्यालय मार्च माह में आने वाले सभी अवकाश के दिनों में भी खुला रखा गया है, ताकि वाहन स्वामी आसानी से अपना कर जमा करा सकें.
31 मार्च तक चलेगा विशेष अभियान
यह अभियान 31 मार्च तक जारी रहेगा. स्थानीय टीमों की मदद के लिए परिवहन मुख्यालय के दो केंद्रीय उड़न दस्ते भी जिले में तैनात किए गए हैं. विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना टैक्स सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों को देखते ही तत्काल जब्त कर लिया जाएगा.
विभाग की अपील: “परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे 31 मार्च से पहले एमनेस्टी योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया कर और चालानों का भुगतान करें. साथ ही अपने वाहनों के दस्तावेजों का समय पर नवीनीकरण करवाएं ताकि किसी भी प्रकार की कठोर कानूनी कार्रवाई या जब्ती से बचा जा सके.

