उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र से राहत भरी खबर सामने आई है. पिछले तीन दिनों से इलाके में दहशत का पर्याय बना पैंथर आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया है. इस सफलता के बाद लोसिंग गांव सहित आस-पास के ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है.
तीन दिन पहले किया था किसान पर हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन दिन पूर्व लोसिंग गांव के निवासी किसान तुलसीराम पालीवाल पर पैंथर ने उस समय हमला कर दिया था जब वे अपने खेत में काम कर रहे थे. इस हमले में तुलसीराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी डर व्याप्त था और ग्रामीणों का शाम के समय घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया था.
वन विभाग की घेराबंदी आई काम
किसान पर हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई थी. क्षेत्रीय वन अधिकारी लाल सिंह चौहान के निर्देशन में टीम ने पैंथर की आवाजाही वाले रास्तों को चिन्हित किया और तालाब के समीप खेतों में एक मजबूत पिंजरा लगाया गया. विभाग की टीम लगातार इलाके की मॉनिटरिंग कर रही थी.
सुबह 5 बजे पिंजरे में मिला पैंथर
शनिवार सुबह करीब 5 बजे, जब घायल किसान तुलसीराम पालीवाल हिम्मत जुटाकर अपने खेत की ओर गए, तो उन्होंने देखा कि पैंथर पिंजरे के भीतर कैद है. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी. खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैंथर को अपने कब्जे में लिया.
गांव में उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम
पैंथर के पकड़े जाने की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिसके बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई. वन विभाग की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर भीड़ को नियंत्रित किया और पैंथर को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की. अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए पैंथर का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा या नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी.
सतर्क रहने की अपील
क्षेत्र में पैंथर की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से अभी भी सतर्क रहने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि खेतों में जाते समय सावधानी बरतें और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें. फिलहाल, पैंथर के पकड़े जाने से गोगुंदा क्षेत्र के किसानों में खुशी और सुकून का माहौल है.

