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संवेदनशीलता की मिसाल: डूंगरपुर जिला कलेक्टर ने दिव्यांगजनों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं

डूंगरपुर नवागत जिला कलेक्टर देशल दान ने पदभार संभालते ही अपनी कार्यशैली से जनता का दिल जीतना शुरू कर दिया है. बुधवार को ‘आपणो संस्थान राजस्थान (शाखा डूंगरपुर)’ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान कलेक्टर महोदय की संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली.

कुर्सी छोड़ अपनों के बीच पहुंचे कलेक्टर

मुलाकात की शुरुआत में संस्थान के सदस्यों ने कलेक्टर साहब को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया. इस दौरान सबसे सुखद और प्रेरणादायक पल तब रहा, जब कलेक्टर साहब ने पद की गरिमा और प्रोटोकॉल की दीवार को किनारे रख दिया. वे अपनी कुर्सी छोड़कर सीधे दिव्यांग भाई-बहनों के बीच आकर बैठ गए. उन्होंने न केवल उनकी समस्याओं को सुना, बल्कि एक अभिभावक की तरह हर बात को बहुत ही धैर्य और संवेदनशीलता से समझा.

दिव्यांग सशक्तिकरण का दिया भरोसा

संवाद के दौरान जिला कलेक्टर ने विश्वास दिलाया कि प्रशासन दिव्यांगजनों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, “हम सभी मिलकर दिव्यांगजनों के हित के लिए काम करेंगे और डूंगरपुर के हर दिव्यांग भाई-बहन को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और समृद्ध बनाएंगे.

पेंशन और ऋण संबंधी समस्याओं पर सौंपा ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन सौंपे. मुख्य रूप से पेंशन PPO लिंक करने, स्वरोजगार के लिए ऋण (Loan) उपलब्ध कराने और सिबिल स्कोर (CIBIL) के कारण आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की मांग की गई. कलेक्टर ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान आपणो संस्थान के जिला अध्यक्ष शेखर भोई, उपाध्यक्ष राकेश कुमार परमार, कोषाध्यक्ष अनीता रोत, प्रदेश सचिव संतोष कटारा और प्रदेश कमेटी सदस्य दीक्षांत पंडया उपस्थित रहे. साथ ही ‘साइड सेवर्स इंडिया’ से अब्दुल हमीद, गोरी बरंडा, सुरेश ननोमा, सुरेश अहारी, राकेश गमेती, जीजा और महेश कुमार हिरात ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई.

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