डूंगरपुर कोतवाली थाना पुलिस ने बोरी गांव में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने आपसी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की हत्या करने और उसके बेटे को गंभीर रूप से घायल करने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी युवक गिरफ्तारी से बचने के लिए कनबई के घने जंगलों में छिपा हुआ था.
7 अप्रैल को घात लगाकर किया था हमला
कोतवाली थाने के एसआई अशोक कुमार ने बताया कि घटना 7 अप्रैल की है. रेडा फला निवासी कल्पेश बरंडा अपने पिता दिनेश बरंडा और रिश्तेदार कोकिला के साथ बाइक पर सवार होकर डूंगरपुर से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान बोरी गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही रवि, रोहित और नरेश ने रास्ता रोककर उन पर लाठियों और लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
इस हिंसक हमले में दिनेश बरंडा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि उनका बेटा कल्पेश गंभीर रूप से घायल हो गया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया था.
जंगलों में घेराबंदी कर दबोचा
हत्या के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे थे. पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि मुख्य आरोपी रवि कनबई के जंगलों में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया और घेराबंदी कर आरोपी रवि को धर दबोचा। पुलिस अब उसके फरार साथियों रोहित और नरेश की तलाश में जुटी है.
अपराधिक रिकॉर्ड वाला है आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी रवि आदतन अपराधी है. उसके खिलाफ कोतवाली थाने में पूर्व में भी मारपीट और जानलेवा हमले के 4 गंभीर मामले दर्ज हैं. आपसी रंजिश के चलते उसने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए जा सकें और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके.

